
Varanasi में बन रहे ropeway project के trial phase का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक gondola cabin को सड़क के ऊपर हवा में काफी हद तक झूलते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो Cantonment area का बताया जा रहा है, जहां gondola के ठीक नीचे busy traffic चलता दिख रहा है। यही दृश्य लोगों की चिंता की सबसे बड़ी वजह बन गया है।
Video में क्या दिखा?
वायरल क्लिप में ropeway cabin suspension पर लटका हुआ है और हल्की-सी हवा या movement के साथ noticeable swaying करता नजर आता है। नीचे से गुजरते वाहन, बसें और बाइक वीडियो को और ज्यादा alarming बना देते हैं।
अगर trial में ऐसा हाल है, तो public operation में क्या होगा?”
Safety और Construction Standards पर सवाल
इस वीडियो के सामने आने के बाद passenger safety, engineering quality और construction standards को लेकर बहस तेज़ हो गई है।
हालांकि ropeway projects में controlled swaying तकनीकी रूप से normal माना जाता है, लेकिन खुले सड़क के ऊपर इतना visible movement आम लोगों को डराने के लिए काफी है।
Infrastructure experts का कहना है कि trial phase का मकसद ही weaknesses पहचानना होता है, लेकिन public confidence बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

Authorities की चुप्पी, सवाल बरकरार
अब तक इस वायरल वीडियो पर official clarification या technical explanation सामने नहीं आई है। यही वजह है कि speculation और चिंता दोनों बढ़ती जा रही हैं।
Experts मानते हैं कि अगर जल्द ही transparent response नहीं आया, तो project की public perception को नुकसान हो सकता है।
Smart City, Smart Fear?
भारत smart cities बना रहा है, लेकिन viral videos याद दिला रहे हैं — technology से पहले trust का load test ज़रूरी है।
Gondola हवा में झूल रही है, और नीचे जनता के सवाल भी।
“नाम नहीं? UP की Draft Voter List आई, अब चेक नहीं किया तो पछताएंगे!”
